1942 की क्रांति में भाग लेने के कारण पढ़ाई बाधित।
पिछड़े, दलित एवं अति पिछड़ों के उत्थान के लिए कृतसंकल्प।
1965 में बाल मजदूरों के संगठन में प्रवेश। कर्पूरी जी के
संपर्क में आकर उनकी नीति एवं सिद्धांतों पर अनुगमन। 1975
में आपातकाल के दौरान रांची में नवनिर्माण समिति की
स्थापना। उसी दौरान राजेन्द्र मेडिकल कॉलेज के 55 छात्रों
को जमानत दिलाई। 1980 से अभी तक कर्पूरी ठाकुर
महाविद्यालय, रांची के सचिव पद पर आसीन। 1975 में इंगलैंड
एवं अमेरिका का भ्रमण, इन देशों के छात्रों के रहन-सहन पर
अध्ययन। 5 अक्टूबर, 1987 को नागरिक मंच, रांची का गठन। 14
अक्टूबर, 1987 को रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जन
मोर्चा की सभा के अध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय स्तर के नेता
श्री विश्वानाथ प्रताप सिंह एंव मुफ्ती मोहम्मद सईद, श्री
आरिफ मोहम्मद खान, श्री विद्याचरण शुक्ल, श्री कुमार राय,
श्री सतपाल मल्लिक एवं अन्य के विशाल जनसभा का आयोजन एवं
सभा की अध्यक्षता। मंडल कमीशन की नीति का अनुपालन। 1988
में हसकस (भारत-सोवियत मैत्री संघ) के निमंत्रण पर सोवियत
संघ में भारत के 31 सदस्यों का नेतृत्व। ताशकंद, मास्को,
लेनिनग्राद, सोची, कियू एवं युक्रेन का भ्रमण किया। कुंभ
मेले के अवसर पर सैकड़ों आदिवासी, अनुसूचित जाति के लोगों
का इलाहाबाद में स्नान एवं मंदिर में पूजा पाठ कराया।
झारखंड स्वशासी परिषद् के कार्यकारी पार्षद, रियाडा के
निदेशक पद का कार्यभार संभालना, बंधुआ मजदूर संघ के सदस्य,
जगन्नाथपुर मंदिर के आजीवन अध्यक्ष, भारत तिब्बत मैत्री
संघ, रांची के अध्यक्ष, जरीसंध धर्मशाला, राजगृह के
ट्रस्टी सदस्य, जरासंध भवन, पटनासिटी के ट्रस्टी सदस्य
रहे। जनता दल के गठन के समय बिहार प्रदेश-महासचिव के पद पर
आसीन। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश महासचिव के पद पर
पदास्थापित। लालू जी के विचारों के प्रति अटूट
आस्था। 1992 में रांची से विशेष ट्रेन (लालू ट्रेन) द्वारा
जाकर दिल्ली वोट कलब पर आयोजित विशाल कार्यक्रम मे
भागीदारी। बंगलादेश के शरणार्थियों को शरण दिलाने के लिए
पहल, 1971-1972 में अखिल भारतीय चन्द्रवंशी क्षत्रीय
महासभा के अध्यक्ष, धूम्रपान निषेध तथा एड्स से वचाव
कार्यक्रम में भागीदारी। रेड क्रास सोसाइटी के आजीवन
सदस्य, 1990 में स्व. विन्देश्वरी प्रसाद मंडल के
जन्मोत्सव के स्वागताध्यक्ष, बुद्धिजीवी मित्र मंडली
के तत्वावधान में डंकल प्रस्ताव का विरोध,
समय- समय पर राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय मुद्दें पर
सुझाव।
बिहार विधान परिषद्
की सदस्यता: 7 मई, 2008
अभिरुचि
:
महापुरूषों की जीवनी का अध्ययन, घुड़सवारी,
पर्यटन तथा आदिवासियों का उत्थान।
स्थायी पता
:
वार्ड नं. - 26,
गृह सं. - 104,
पो. - गया, जिला - गया
वर्तमान पता
:
फ्लैट संख्या - 185,
आर. ब्लॉक , पटना
दूरभाष
:
पटना
- 2241003 ,
गया - 2425475 , रांची - 2313316
, 9939432275